*शुगर कंट्रोल नहीं हो रही तो एक बार गिलोय और कड़ी पत्ते का प्रयोग जरूर करें डॉ अर्चिता महाजन*
*गिलोय का काढ़ा 2 से 3 सप्ताह (15 से 21 दिन तक ही लगातार करना चाहिए*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि डायबिटीज में गिलोय और कढ़ी पत्ता (कड़ी पत्ता) ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। यह दोनों जड़ी-बूटियाँ शरीर में इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ाती हैं और प्राकृतिक रूप से शुगर के स्तर को कम करने में मदद करती हैं।नीचे दोनों के विशिष्ट फायदों और इस्तेमाल के तरीकों की पूरी जानकारी दी गई है:गिलोय के फायदे (Benefits of Giloy)इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करना: गिलोय शरीर में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता (sensitivity) को सुधारता है।शुगर स्पाइक रोकना: यह भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाले ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।इम्युनिटी बढ़ाना: डायबिटीज के मरीजों में कमजोरी को दूर कर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है।एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुण: गिलोय में मौजूद तत्व खून में ग्लूकोज की अतिरिक्त मात्रा को कम करते हैं।कढ़ी पत्ते के फायदे (Benefits of Curry Leaves)अग्नाशय (Pancreas) की सुरक्षा: कढ़ी पत्ता इंसुलिन बनाने वाली बीटा सेल्स को सुरक्षित और सक्रिय रखता है।धीमा ग्लूकोज अवशोषण: इसमें मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पचने की गति को धीमा करता है, जिससे शुगर अचानक नहीं बढ़ती।कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण: यह डायबिटीज से जुड़े दिल के रोगों के खतरे और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।वजन प्रबंधन: कढ़ी पत्ता मेटाबॉलिज्म तेज कर वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है।इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use)गिलोय का जूस या काढ़ा: सुबह खाली पेट 15-20 मिलीलीटर गिलोय का रस बराबर पानी मिलाकर पिएं। या फिर इसकी डंडी को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें।कढ़ी पत्ते का सेवन: सुबह खाली पेट 4 से 5 ताजे कढ़ी पत्ते चबाकर खाएं। आप इसे सुखाकर पाउडर के रूप में या भोजन में तड़के के तौर पर भी शामिल कर सकते
