*बढ़ती गर्मी और उमस के कारण बच्चों का कद छोटा रहने की संभावना डॉ अर्चिता महाजन*
*यह दावा जर्नल Science Advances में पब्लिश हुई स्टडी में यह दावा किया गया है.*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया किगर्मी और उमस (Humid heat) का सीधा असर बच्चों के शारीरिक विकास पर पड़ता है। जलवायु अध्ययनों के अनुसार, गर्भावस्था और शुरुआती सालों में उमस भरी गर्मी के संपर्क में आने से बच्चों का कद लगभग 13% तक छोटा रह सकता है, क्योंकि यह गर्भस्थ शिशु के विकास को बाधित करता है।बच्चों के विकास को कैसे प्रभावित करते हैं गर्मी और उमस:हीट स्ट्रेस (Heat Stress): अधिक तापमान और उच्च उमस शरीर के प्राकृतिक तापमान को नियंत्रित करने वाले तंत्र पर दबाव डालते हैं।भूख में कमी: उमस के कारण बच्चों को अक्सर भूख कम लगती है, जिससे शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है।सोने का पैटर्न: असहज गर्मी और पसीने के कारण बच्चों की नींद बार-बार टूटती है। रात के समय ही शरीर में ‘ग्रोथ हार्मोन’ (Growth Hormone) सबसे ज्यादा निकलता है। बाधित नींद इस हार्मोन के स्राव को कम करती है।कद (Height) बढ़ाने और बचाव के उपाय:हाइड्रेशन: बच्चों को दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी, या नींबू पानी देते रहें।संतुलित आहार: उनकी डाइट में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-डी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अंडे, दालें, हरी सब्जियां और दूध शामिल करें।पर्याप्त नींद: बच्चों को कम से कम 8 से 10 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेने दें।हल्का व्यायाम: उन्हें अत्यधिक तेज धूप से बचाएं, लेकिन घर के अंदर हल्के व्यायाम (जैसे ताड़ासन) करने के लिए प्रेरित करें।
