फैमिली हिस्ट्री में कैंसर पेशेंट है तो शराब पीना छोड़ दे डा अर्चिता महाजन*

*फैमिली हिस्ट्री में कैंसर पेशेंट है तो शराब पीना छोड़ दे डा अर्चिता महाजन*

*कम हो या ज्यादा शराब हर हाल में कैंसर सेल को ट्रिगर करती है* 

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि जब आप शराब पीते हैं, तो आपके शरीर में मौजूद अल्कोहल एसिटेल्डिहाइड नामक एक ज़हरीले रसायन में बदल जाता है। यह आपके डीएनए (हमारे जीन को बनाने वाला आनुवंशिक पदार्थ) को नुकसान पहुंचा सकता है और आपकी कोशिकाओं को उस क्षति की मरम्मत करने से रोक सकता है, जिससे कैंसर हो सकता है।शराब पीने से सिर और गर्दन, स्तन, कोलोरेक्टल, एसोफेजियल, लीवर, पेट और अग्नाशय के कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।शराब पीने से शरीर में कैंसर कोशिकाएं (cancer cells) ट्रिगर होती हैं और कैंसर का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने शराब को ग्रुप 1 कार्सिनोजेन (कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ) की श्रेणी में रखा है।शराब कैंसर कोशिकाओं को कैसे ट्रिगर करती है?जब आप शराब पीते हैं, तो शरीर में कई तरह के जैविक बदलाव होते हैं जो सीधे कैंसर को बढ़ावा देते हैं:एसिटैल्डिहाइड का निर्माण (DNA को नुकसान): शराब (इथेनॉल) जब शरीर में टूटती है, तो यह ‘एसिटैल्डिहाइड’ नामक एक विषैले रसायन में बदल जाती है। “यह यौगिक डीएनए को नुकसान पहुंचाता है और हमारी कोशिकाओं को क्षति की मरम्मत करने से रोकता है। इससे कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने का मौका मिल सकता है ,” जैसा कि यूटी एमडी एंडरसन के विशेषज्ञों द्वारा समझाया गया है।हार्मोनल बदलाव (विशेषकर महिलाओं में): शराब शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देती है। बढ़ा हुआ एस्ट्रोजन स्तन की कोशिकाओं को तेजी से विभाजित होने के लिए ट्रिगर करता है, जिससे स्तन कैंसर (Breast Cancer) का खतरा काफी बढ़ जाता है।पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा: शराब शरीर को विटामिन A, C, D, E और फोलेट जैसे जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स को सोखने से रोकती है, जो कोशिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी होते हैं।धूम्रपान के साथ मिलकर घातक असर: यदि कोई व्यक्ति शराब के साथ सिगरेट या तंबाकू का भी सेवन करता है, तो शराब मुंह और गले की कोशिकाओं को तंबाकू के हानिकारक रसायनों को आसानी से सोखने में मदद करती है। इससे मुंह और गले के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

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