20, 30 की उम्र में pcos होना , गंभीर संकेत, डॉ अर्चिता महाजन*

*20, 30 की उम्र में pcos होना , गंभीर संकेत, डॉ अर्चिता महाजन* 

*नींद की कमी, बढ़ता तनाव और गलत खानपान इस हॉर्मोनल गड़बड़ी के बड़े कारण हैं* .

 

 

 

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित और चंडीगढ़ महाजन सभा अध्यक्ष श्री राम मूर्ति महाजन जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि छोटी बच्चियों (किशोरी) में पीसीओएस (PCOS – Polycystic Ovary Syndrome) के मामले तेजी से बढ़ने का मुख्य कारण खराब जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, और शारीरिक सक्रियता की कमी है। यह आनुवंशिक (जेनेटिक) कारणों, हार्मोनल असंतुलन (पुरुष हार्मोन एंड्रोजन की वृद्धि) और इंसुलिन रेजिस्टेंस (शरीर में इंसुलिन का ठीक से काम न करना) के कारण होता है। छोटी बच्चियों में पीसीओएस के मुख्य कारण:खराब जीवनशैली और खान-पान: जंक फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक गतिविधि (Exercise) की कमी और घंटों तक एक जगह बैठे रहने (स्क्रीन टाइम) से शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है।इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance): शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन का उपयोग नहीं कर पाती हैं, जिससे रक्त में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है, जो अंडाशय को अधिक पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) पैदा करने के लिए प्रेरित करता है।मोटापा: अधिक वजन या मोटापा पीसीओएस के जोखिम को बढ़ाता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस को और खराब करता है।आनुवंशिक कारण (Genetics): अगर परिवार में मां या बहन को पीसीओएस की समस्या है, तो बच्चियों में इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।तनाव और नींद की कमी: आजकल की बच्चियों में पढ़ाई और अन्य दबाव के कारण तनाव (Stress) और खराब नींद भी हार्मोनल असंतुलन का कारण बन रही है।जल्दी प्यूबर्टी (Early Puberty): बहुत छोटी उम्र में पीरियड्स शुरू होना या हार्मोनल बदलाव भी पीसीओएस के शुरुआती संकेतों से जुड़ा हो सकता है। पीसीओएस के सामान्य लक्षण: अनियमित या अनियमित मासिक धर्म।चेहरे, छाती या पीठ पर अतिरिक्त बाल (हिर्सुटिज़्म)।मुंहासे (Acne)।

वजन बढ़ना।बालों का झड़ना (Alopecia)। इन समस्याओं को कम करने के लिए स्वस्थ आहार (कम चीनी और प्रोसेस्ड फूड), नियमित व्यायाम (जैसे तेज चलना, योगा) और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है।

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