*रात में देर तक जागने और खाने की आदत शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ सकती है, डॉ अर्चिता महाजन*

*सोने के समय के करीब खाने से पोषक तत्वों के ऑक्सीकरण की दर कम हो सकती है । भोजन का पाचन, अवशोषण और ऑक्सीकरण भी सर्कैडियन लय से प्रभावित हो सकता है*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया किसोने के समय के करीब खाने से पोषक तत्वों के ऑक्सीकरण की दर कम हो सकती है । भोजन का पाचन, अवशोषण और ऑक्सीकरण भी सर्कैडियन लय से प्रभावित हो सकता है। फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन’ जर्नल में हाल ही में एक शोध प्रकाशित हुआ है। इस स्टडी में यह साफ तौर पर सामने आया है कि जो लोग रात में देर तक जागते हैं और उस दौरान अधिक एनर्जी, कार्बोहाइड्रेट और फैट वाली चीजें खाते हैं, उनके शरीर में गंभीर बदलाव आ सकते हैं।देर रात तक जागने और खाने से शरीर की जैविक घड़ी (सर्कैडियन रिदम) गड़बड़ा जाती है, जो मेटाबॉलिज्म को धीमा करके वजन और ब्लड शुगर लेवल बढ़ाती है।देर रात जागने और खाने के नुकसान:धीमा पाचन (Slow Metabolism): शाम के बाद शरीर का पाचन तंत्र आराम (Rest mode) करने की तैयारी करता है। देर रात खाने से भोजन ठीक से नहीं पचता और कैलोरी फैट में बदलने लगती है।इंसुलिन का असंतुलन: देर रात खाने और जागने से शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) कम होती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।हार्मोन में गड़बड़ी: नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन (Ghrelin) का स्तर बढ़ता है और भूख घटाने वाले हार्मोन (Leptin) का स्तर घटता है, जिससे जंक फूड की क्रेविंग होती है।फैट जमा होना: रात में देर तक जागने पर यदि आप कुछ खाते हैं, तो शरीर ऊर्जा का उपयोग करने के बजाय उसे पेट की चर्बी और वसा (Adiposity) के रूप में जमा करने को प्राथमिकता देता है।मेटाबॉलिज्म को स्वस्थ रखने के उपाय:सूर्यास्त के आसपास खाएं: कोशिश करें कि रात का खाना (डिनर) सूर्यास्त के दो-तीन घंटे के भीतर या रात 8:00 बजे तक खा लें।सोने और खाने में अंतर: रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर जरूर रखें।रात का हल्का भोजन: अगर देर रात भूख लगे, तो भारी खाने के बजाय हल्का सूप, फ्रूट या गर्म दूध लें।पर्याप्त नींद लें: हर रात 7-8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लें
