*क्या है WHR और वेस्ट-टू-हिप के अनुपात। डॉ अर्चिता महाजन*
*विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह अनुपात पुरुषों में 0.90 और महिलाओं में 0.85 से अधिक नहीं हो* ।

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि WHR शरीर के वजन और चर्बी के वितरण को मापने का एक पैमाना है। यह दर्शाता है कि पेट के आसपास कितनी चर्बी जमा है। इसकी गणना कमर के घेरे को कूल्हों के घेरे से भाग देकर की जाती है। मोटापा एक ऐसी मेडिकल स्थिति है जिसमें शरीर में इतना अधिक फैट जमा हो जाता है जो सेहत के लिए खतरा है. इसका मूल कारण ली गई कैलोरी और खर्च की गई कैलोरी केबीच का असंतुलन होता है. ज्यादा कैलोरी लेने से शरीर में फैट बढ़ता है. जो डायबिटीज से लेकर दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है. मेडिकल जर्नल द लैंसेट में भी कमर के माप का महत्व बताया गया था।बीते साल प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल The Lancet Diabetes & Endocrinology ने अपनी एक रिपोर्टजारी की थी. इसमें कहा गया था कि मोटापे की पहचान के लिए केवल BMI पर निर्भर रहना काफी नहीं है. डॉक्टरों को कम से कम एक और पैरामीटर को ध्यान में रखना चाहिए।लैंसेट रिपोर्ट में खासतौर पर साउथ एशिया के लोगों का जिक्र किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि साउथ एशिया के लोगों में कमर के आसपास चर्बी काफी बढ़ी रहती है. जो कई बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकती है. ऐसे में मोटापे की पहचान के लिए वेस्ट-टू-हिप के अनुपात भी देखना चाहिए.विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यदि यह अनुपात पुरुषों में 0.90 और महिलाओं में 0.85 से अधिक है, तो हृदय रोग (Heart Disease), टाइप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes) और उच्च रक्तचाप (Blood Pressure) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।कमर -कूल्हे का अनुपात ( WHR ) कमर और कूल्हों की परिधि का आयामरहित अनुपात है । इसकी गणना कमर की माप को कूल्हे की माप से भाग देकर की जाती है ( W / H ) । उदाहरण के लिए, 75 सेंटीमीटर कमर और 95 सेंटीमीटर कूल्हे (या 30 इंच कमर और 38 इंच कूल्हे) वाले व्यक्ति का WHR लगभग 0.79 होता है।
