*डेंगू में बुखार कम होना हमेशा बीमारी खत्म होने का संकेत नहीं होता है. डॉ अर्चिता महाजन*
*कुछ हफ्तों तक पेशेंट की मॉनिटरिंग करनी जरूरी होती है, डायट प्लान दे रही हूं फॉलो करें*

सुनील कुमार
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि आमतौर पर लोग जब बुखार उतारने लगता है तो समझने लगते हैं कि पेशेंट रिकवर हो गया परंतु ऐसा बिल्कुल नहीं होता बुखार उतारने के बाद भी कुछ समय तक पेशेंट को मॉनिटरिंग में रखना चाहिए।आमतौर पर बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के बीच ऐसा देखा जाता है. इस समय शरीर से तरल बाहर निकलने के कारण रक्तचाप कम हो सकता है और कुछ मरीजों में गंभीर स्थिति बन सकती है।किसी व्यक्ति को पेट में तेज दर्द हो, बार-बार उल्टी हो रही हो, नाक या मसूड़ों से खून आए, उल्टी या मल में खून दिखाई दे, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेचैनी हो,सांस लेने में दिक्कत हो या पेशाब कम हो जाए, तो घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए.क्या खाएं (Recommended Foods)हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी पूरा करने के लिए भरपूर मात्रा में नारियल पानी, ओआरएस (ORS), छाछ, नींबू पानी और ताजा जूस पिएं।फलों का सेवन: पपीता, पपीते के पत्तों का रस, कीवी, अनार, संतरा और मौसमी फल खाएं जो रिकवरी में मदद करते हैं।हल्का और पौष्टिक भोजन: मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, ओट्स, उबले हुए चावल और सादी रोटी का सेवन करें।प्रोटीन: रिकवरी के लिए उबला अंडा, सॉफ्ट पनीर, और आसानी से पचने वाली दालें लें।क्या न खाएं (Foods to Avoid)तेल और मसालेदार चीजें: ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड खाने से बचें क्योंकि यह पचने में भारी होता है और पेट को नुकसान पहुंचा सकता है।कैफीन: चाय और कॉफी का सेवन सीमित करें क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) हो सकती है।बाहर का खुला खाना: ऐसा भोजन न करें जिससे पेट खराब होने या संक्रमण का खतरा रहे।
