वहम मत करो जुलाई अगस्त में पसीना नहीं आएगा तो क्या डाकखाने से मनी ऑर्डर आएगा डॉ अर्चिता महाजन* 

*वहम मत करो जुलाई अगस्त में पसीना नहीं आएगा तो क्या डाकखाने से मनी ऑर्डर आएगा डॉ अर्चिता महाजन* 

 *चिंता की बात तब होती है जब ऐसी और कूलर के नीचे बैठे हुए भी पसीना आए।*

सुनील कुमार/ रोज़ाना रिपोर्टर न्यूजपेपर

 

 

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि कुछ लोगों को जो ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं और उसके ऊपर कोई कंस्ट्रक्शन भी नहीं हुई होती, ऐसे ही घर में रहने वाले लोगों को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि उनका पसीना ज्यादा आ रहा है वह तो आएगा ही चिंता की बात तब होती है जब कूलर और ऐसी के नीचे बैठे हुए व्यक्ति को भी लगातार पसीना आता जाए।ज्यादा पसीना आने के मुख्य कारणों में तनाव, आनुवंशिकी (हाइपरहाइड्रोसिस) या व्यायाम जैसे सामान्य कारण शामिल हैं। हालांकि, यदि यह बिना मेहनत या गर्मी के होता है, तो इसके पीछे थायरॉयड, शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया), हार्मोनल बदलाव (जैसे मेनोपॉज) या कुछ दवाओं का साइड-इफेक्ट हो सकता है।विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:हाइपरहाइड्रोसिस (Primary Hyperhidrosis): यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पसीने की ग्रंथियां बिना किसी स्पष्ट बीमारी या तापमान वृद्धि के भी बहुत अधिक सक्रिय रहती हैं। यह अक्सर अनुवांशिक होती है।मेडिकल कंडीशंस: थायरॉयड का बढ़ना (हाइपरथायरायडिज्म), लो ब्लड शुगर, संक्रमण (बुखार) या मोटापा अत्यधिक पसीना आने की प्रमुख वजहें हैं।हार्मोनल बदलाव: गर्भावस्था, मासिक धर्म या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन में उतार-चढ़ाव होने से अक्सर बहुत ज्यादा पसीना आता है (हॉट फ्लैशेस)।तनाव और चिंता: भावनात्मक दबाव के कारण तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे पसीना अधिक निकलता है।दवाइयों के साइड-इफेक्ट्स: ब्लड प्रेशर की दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट्स (अवसादरोधी दवाएं) या कुछ दर्द निवारक दवाओं के सेवन से भी पसीना बढ़ सकता है।अत्यधिक पसीना आने (विशेषकर सिर और माथे पर) की समस्या आमतौर पर विटामिन डी और विटामिन बी की कमी से जुड़ी होती है। इसके अलावा, शरीर में मैग्नीशियम और आयरन जैसे खनिजों की कमी भी अत्यधिक पसीने का कारण बन सकती है।

1. विटामिन डी:

विटामिन डी नसों के कार्य और हार्मोन को नियंत्रित करता है। इसकी कमी के कारण शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है, जिससे असामान्य रूप से ज्यादा पसीना आता है।

स्रोत: धूप (सुबह की), अंडे की जर्दी, और फैटी फिश।

2. विटामिन बी (B Complex):

बी-विटामिन (विशेषकर B1, B5, और B12) तंत्रिका तंत्र (Nervous System) और तनाव प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं। तनाव के समय नर्वस सिस्टम के अधिक सक्रिय होने पर ये विटामिन पसीने को सामान्य रखने में मदद करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *