चैत्र नवरात्रि इस समय करें घटस्थापना का सही समय

19 मार्च/रोज़ाना रिपोर्टर

चैत्र नवरात्र आज से शुरू होकर 27 मार्च, रामनवमी के दिन समाप्त होगा. नवरात्र के पूजन की शुरुआत घटस्थापना से की जाती है. इसलिए, जो लोग सुबह के शुभ मुहूर्त में घटस्थापना या कलश स्थापना नहीं कर पाए हैं, वे लोग अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं. आइए जानते हैं कब से कब तक रहेगा अभिजीत मुहूर्त.चैत्र नवरात्र की शुरुआत आज से हो गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में मां दुर्गा पृथ्वी पर आकर अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं. नवरात्र का आरंभ कलश स्थापना या घट स्थापना से होता है, जिसे बहुत शुभ माना जाता है. इसके बाद पूरे नौ दिन तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है और अंत में नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ यह पर्व समाप्त होता है.आज घट स्थापना के लिए सुबह 6 बजकर 55 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 52 मिनट तक का शुभ मुहूर्त था, जो करीब 50 मिनट तक रहा. हालांकि, जो लोग इस समय में कलश स्थापना नहीं कर पाए, उनके लिए दिन में एक और शुभ समय भी उपलब्ध है, जिसमें वे पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं.द्रिक पंचांग के मुताबिक, अगर माता रानी का कोई भक्त शुभ मुहूर्त में घटस्थापना नहीं कर पाया है तो उसके लिए अभिजीत मुहूर्त का शुभ समय भी उपलब्ध है, जिसमें वह घटस्थापना कर सकते है. अभिजीत मुहूर्त अबूझ मुहूर्त में से एक माना जाता है. चैत्र नवरात्र का अभिजीत मुहूर्त आज दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. इसकी कुल अवधि 48 मिनट की रहेगी. ज्योतिषियों के मुताबिक, इस मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है. इसके अलावा पूरे दिन भी नवरात्र की पूजा की जा सकती है.अगर किसी शुभ काम के लिए सही मुहूर्त न मिल पाए, तो अभिजीत मुहूर्त को सबसे अच्छा व शुभ समय माना जाता है. इस समय में किए गए कार्य को जल्दी फल देने वाला माना जाता है. अभिजीत मुहूर्त दिन का एक खास और बेहद शुभ समय होता है, जिसे शास्त्रों में बहुत ही शक्तिशाली माना गया है. यह आमतौर पर दोपहर के आसपास पड़ता है, जब दिन का लगभग आधा समय बीत चुका होता है. अक्सर यह मुहूर्त करीब 12 बजे के आसपास शुरू होकर 40 से 50 मिनट तक रहता है. यही कारण है कि गृह प्रवेश, पूजा, विवाह या कलश स्थापना जैसे कामों के लिए लोग इस समय को बेहद शुभ मानते हैं

चैत्र नवरात्र 2026 कैलेंडर (Chaitra Navratri 2026 Dates)

 

नवरात्र का पहला दिन: 19 मार्च 2026, मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्र का दूसरा दिन: 20 मार्च 2026, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्र का तीसरा दिन: 21 मार्च 2026, मां चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्र का चौथा दिन: 22 मार्च 2026, मां कूष्मांडा की पूजा का

नवरात्र का पांचवा दिन: 23 मार्च 2026, मां स्कंदमाता की पूजा

नवरात्र का छठा दिन: 24 मार्च 2026, मां कात्यायनी की पूजा

नवरात्र का सातवां दिन: 25 मार्च 2026, मां कालरात्रि की पूजा

नवरात्र का आठवां दिन: 26 मार्च 2026, मां महागौरी

नवरात्र का नौवां दिन: 27 मार्च 2026, मां सिद्धिदात्री की पूजा (रामनवमी)

 

 

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