Health:स्वास्थ्यवर्धक विशेष प्रयोग

स्वास्थ्यवर्धक विशेष प्रयोग

यौवन के लिए पारंपरिक प्रयोग

लगभग 10–15 ग्राम गाय का घी, 25 ग्राम आँवला चूर्ण, 5 ग्राम शहद तथा 10 ग्राम तिल का तेल मिलाकर प्रातः सेवन करने का पारंपरिक प्रयोग बताया जाता है। यह संयोजन शरीर के पोषण और समग्र स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।

स्मरण शक्ति के लिए

प्रतिदिन लगभग 15–20 मि.ली. तुलसी का रस और एक चम्मच च्यवनप्राश को हल्के घोल के रूप में लेकर सेवन किया जा सकता है। आयुर्वेद में इसे मानसिक ताजगी और स्मरण शक्ति के समर्थन के लिए उपयोगी माना जाता है।

पोषण हेतु पारंपरिक योग

4–5 खजूर रात में पानी में भिगोकर रखें। सुबह एक चम्मच मक्खन, एक इलायची और थोड़ा-सा जायफल घिसकर उसमें मिलाकर खाली पेट लिया जा सकता है। यह पारंपरिक रूप से शरीर के पोषण के लिए उपयोग किया जाता है।

मुँह की दुर्गंध के लिए

कभी-कभी नमक और काली मिर्च मिलाकर मंजन करने से मुँह की सफाई में मदद मिल सकती है और दुर्गंध कम करने में सहायक हो सकता है।

शारीरिक बल के लिए

लगभग 2–4 ग्राम शतावरी चूर्ण को गर्म दूध के साथ नियमित रूप से लिया जा सकता है। आयुर्वेद में इसे शरीर के पोषण और शक्ति के समर्थन के लिए उपयोगी माना जाता है।

शारीरिक कमजोरी में पारंपरिक प्रयोग

लगभग 10 ग्राम काले तिल चबा कर उसके बाद ठंडा पानी पी सकते हैं। इसके बाद लगभग 2 घंटे तक कुछ न खाएँ-पिएँ। यह पारंपरिक रूप से शरीर के पोषण और दांत-मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए उपयोग किया जाता है।

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