शिमला में प्रशासन की बड़ी लापरवाही, बिना नक्शा लिफ्ट के पास बनी करीब आठ मंजिला पार्किंग

शिमला में प्रशासन की बड़ी लापरवाही, बिना नक्शा लिफ्ट के पास बनी करीब आठ मंजिला पार्किंग

 

हिमाचल प्रदेश/शिमला/रोजाना रिपोर्टर

राजधानी शिमला में प्रशासन की बड़ी लापरवाही का लागतार खुलासा हो रहा है। नगर निगम शिमला में पीपीपी मोड पर पार्किंग के निर्माण किए गए हैं। इन पार्किंगों को बनाने के लिए न नियमों का पालन किया गया है और न ही इसकी कोई जांच हुई है। हैरत इस बता की है कि इन पार्किंग के नक्शे तक पास नहीं हैं। लिफ्ट के पास बनी करीब आठ मंजिला पार्किंग का नक्शा तक पास नहीं है। वहीं इस पार्किंग को लेकर अभी तक नगर निगम प्रशासन की ओर से भी कोई खास कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों की माने तो पीपी मोड के तहत शहर में जो भी पार्किंग बनी हैं उनके नक्शे नगर निगम ने पास नहीं किए हैं। हैरत इस बात की है कि बिना नक्शा पास किए तो पार्किंग बना दी लेकिन यहां पर अन्य नियमों का भी पालन नहीं किया गया।

आपदा प्रबंधन विभाग की गाइड लाइन और टीसीपी की गाइड लाइन के अनुसार कोई भी इमारत हो वह नाले से दूर होनी चाहिए। लेकिन लिफ्ट की पार्किंग तो नाले के साथ ही बनी है। इस पार्किंग पर बेसमेंट भी खुली है जिसमें कार्यालय हैं। इसके अलावा यहां पर नाले का पानी भी साथ ही गुजरता है। यह नाला शहर के सभी नालों से बड़ा है। यह नाल कृष्णानगर होकर गुजरता है। बरसात के दिनों में तो यह नाला उफान पर होता ही है लेकिन अन्य दिनों में भी इस नाले में पानी का बहाब लगातार रहता है। बावजूद इसके भी यहां पर पार्किंग बिना नियमों के ही बना दी गई है। इस पार्किंग का नक्शा पास न होने के कारण इस पार्किंग को इतने सालों में अभी तक कंपलिशन रिपोर्ट तक नगर निगम की ओर से नहीं मिली है। वहीं नियमों की धज्जियां उड़ाकर प्रशासन इसका इस्तमाल कर रही है।

नगर निगम प्रशासन को यदि अवैध निर्माण की शिकायत मिलती है तो नगर निगम उस अवैध निर्माण को तुरंत तोड़ देता है। खासकर उन भवनों पर कार्रवाई होती है जो बिना नक्शा पास किए निर्माण हो रहा है। यहां तक की बिना अनुमति के बेसमेंट और ऐटिक का निर्माण करना भी नियमों के खिलाफ होता है। ऐसी जानकारी मिलते ही नगर निगम उसे तुरंत तोडऩें के आदेश जारी कर देता है। लेकिन जहां सरकारी भवनों की बात आती है वहां पर कोई कार्रवाई ही नहीं हो रही है।

नगर निगम के प्रोजेक्ट डारेक्टर धीरज चंदेल ने बताया कि लिफ्ट के पास बनी पर्किंग का नक्शा पास नहीं है। इसको लेकर पहले ही दस्तावेज जमा करने चाहिए थे। प्रोजेक्ट डारेक्टर धीरज चंदेल ने बताया कि कोई भी दस्तावेज नगर निगम को नहीं दिए गए। इसलिए इसका नक्शा पास नहीं किया गया है।

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