अमेरिका जाने वालों के लिए बड़ी ख़बर,वर्क परमिट-ग्रीन कार्ड पाना हुआ महंगा,

अमेरिका जाने वालों के लिए बड़ी ख़बर,वर्क परमिट-ग्रीन कार्ड पाना हुआ महंगा,

02 फ़रवरी/रोज़ाना रिपोर्टर

अमेरिका में अब ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग’ (OPT) के तहत जॉब करने की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए वर्क परमिट हासिल करना महंगा हो जाएगा। इसी तरह से उन विदेशी वर्कर्स के लिए भी इमिग्रेशन से जुड़ी याचिकाएं दायर करना महंगा होने वाला है, जो ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं। दरअसल, अमेरिका ने रोजगार से जुड़ी कई तरह की इमिग्रेशन याचिकाओं के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस बढ़ा दी है। नई फीस 1 मार्च 2026 से लागू हो चुकी है।यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने दो साल के दौरान बढ़ी महंगाई से जुड़ा रिव्यू किया। इसके बाद ये फैसला किया कि प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस बढ़ाना जरूरी है। नई फीस उन सभी तरह के इमिग्रेशन आवेदनों पर लागू होगी, जो 1 मार्च के बाद दायर किए जाएंगे। इस नई फीस के दायरे में विदेशी स्टूडेंट्स और वर्कर्स आ रहे हैं, जो अमेरिका में जॉब करने या स्थायी रूप से बसने की प्लानिंग कर रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि नई प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस कितनी होने वाली है।

प्रीमियम प्रोसेसिंग वो सुविधा होती है, जिसके जरिए आवेदक अपनी याचिकाओं का जल्दी समाधान करवा पाते हैं। बदले में उन्हें थोड़ी अतिरिक्त फीस देनी होती है। नए नियमों के तहत, फॉर्म I-140 इमिग्रेंट वर्कर याचिका और फॉर्म I-129 नॉन-इमिग्रेंट वर्कर याचिका की फीस 2,805 डॉलर से बढ़कर 2,965 डॉलर (2,70,052 रुपये) हो गई है। कुल मिलाकर 160 डॉलर (14,573 रुपये) का इजाफा हुआ है। फॉर्म I-129 की कुछ कैटेगरी जैसे H-2B और R-1 के लिए, प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस 1,685 डॉलर से बढ़कर 1,780 डॉलर (1,62,122 रुपये) हो चुकी है। इसमें 95 डॉलर (8,653 रुपये) का इजाफा हुआ है।

फॉर्म I-140 इमिग्रेंट वर्कर याचिका का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी विदेशी वर्कर को कंपनी रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए स्पांसर कर रही होती है। फॉर्म I-129 नॉन-इमिग्रेंट वर्कर याचिका का इस्तेमाल तब होता है, जब कोई कंपनी किसी विदेशी वर्कर को अमेरिका में जॉब दे रही होती है। वह उसे स्पांसर करने के लिए ये डॉक्यूमेंट इस्तेमाल करती है।

इसी तरह से फॉर्म I-765 वो डॉक्यूमेंट है, जिसके जरिए वर्क परमिट के लिए गुजारिश की जाती है। इसे ‘एंप्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट’ (EAD) भी कहते हैं। अमेरिका में पढ़ाई करने वाले छात्र जब OPT पर जॉब के लिए जाते हैं, तो उन्हें EAD की जरूरत पड़ती है। पहले फॉर्म I-765 की फीस 1,685 डॉलर थी, जो अब बढ़कर 1,780 डॉलर (1,,62,122 रुपये) हो चुकी है। इसमें 95 डॉलर (8,653 रुपये) की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ी हुई फीस का असर छात्रों और विदेशी वर्कर्स पर होगा, जो अपने आवेदन को जल्दी प्रोसेस करवाना चाहते थे।

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