धोगड़ी रोड पर स्थित नूरपुर कालोनी के नजदीक एक कॉलोनाइजर द्वारा इनलीगल तरीके से काटी गई कालोनी ,(जी) अक्षर वाले नाम का कॉलोनाइजर और अन्य: सूत्र
शहर में अगर ऐसे ही इलीगल कालोनिया काटी जाने लगी तो कैसे बच पाएगा नगर निगम और पुडा का खजाना
अधिकारियों से है मोती सेटिंग इसीलिए नहीं हो रही कार्रवाई:सूत्र


जालंधर : ( सुनील ) आदमी पार्टी ने आम लोगों और जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे जो की इन बीते तीन, साढे तीन साल के कार्यकाल के दौरान शायद ही कोई बड़ा कोई वादा इस मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार ने और मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान साहब ने पूरा किया और करवाया हो ! क्योंकि आए दिन जो की समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर वेब टी.वी. चैनलों के सुर्खियां बनती आती हैं खबरें की कैसे इन 3 सालों में पंजाब का बीती सरकारों के कार्यकाल से और अब के साढ़े तीन साल के मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब का क्या हाल हो रखा है चाहे फिर वह कोई भी सरकारी दफ्तर हो वहां पर आम जनता का कामकाज व कार्य होना इतना मुश्किल हो गया है जो की पेड न्यूज़ के सहारे तो कुछ और ही दिखाया जाता है ! परंतु जो असल में खबरें प्रकाशित होती हैं ग्राउंड लेवल पर उसे देखकर तो कुछ और ही प्रतीत होता है जैसा की बीते कुछ महीनो से जैसा कि लॉ एंड ऑर्डर का भी बुरा हाल क्या है पंजाब में और अपने महानगर जालंधर में भी वह किसी से छिपा हुआ तो नहीं है ! यहीं पर आपको आज एक और महानगर जालंधर नगर निगम की हद में पढ़ते पठानकोट बाईपास रोड से जो सड़क दो घड़ी रोड को जगाती है वहां पर स्थित नूरपुर कालोनी के नजदीक यह एक जैसा कि आप तस्वीर में देख सकते हैं किसी एक अन्य कॉलोनाइजर द्वारा यहां पर भी और जिसका नाम अंग्रेजी के जी.. (G..) अक्षर से शुरू होता है ने नाजायज तौर पर कॉलोनी काट दी गई है और इतना ही नहीं जब यहां पर कवरेज करने के उपरांत आसपास के लोगों से जानकारी लेनी चाहिए तो वहां पर मौजूद कुछ लोगों द्वारा दबी जुबान में और हमारे अगर तो सूत्रों की भी माने तो इस कॉलोनी में दो-तीन पार्टनर है और पठानकोट चौक के नजदीक ही एक केमिस्ट शॉप चलने वाला जो की प्रॉपर्टी डीलर भी बना हुआ है वह भी इनके साथ है और उसका भी नाम जैसा कि लोगों द्वारा बताए जाने पर सामने आ रहा है ! परंतु असल में सच क्या है यह तो वही जाने और इसी के साथ-साथ आपको यहां पर यह भी बता दें कि क्या कहीं जैसा कि सूत्रों ने बताया एक तो यह कॉलोनी पास नहीं है और दूसरा तस्वीरों के माध्यम से आप देख सकते हैं कि कॉलोनी में फैक्ट्रीयो में से निकलने वाली काली मिट्टी डालकर सड़कों की भर्ती डाली जा रही है और यह भी कहां तक जायज है जिन लोगों ने अपनी जमा पूंजी की कमाई यहां पर इनवेस्ट करनी अथवा निवेश करेंगे क्या उनको ऐसी सस्ती और हल्की सड़के मिलेगी और आप यह भी देख सकते हैं कि प्लाटों की निशानदेही भी शुरू हो गई है और इतना ही नहीं कुछ लोगों ने तो यहां तक भी कहा कि और अगर तो सूत्रों की भी माने तो कॉलोनाइजरों द्वारा और केमिस्ट शॉप वाले प्रॉपर्टी डीलर को साथ लेकर और अन्य प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा जल्दी-जल्दी में ग्राहकों को दिखाकर कुछ प्लाटों का बयाना भी ले लिया गया है और रजिस्ट्री करवाने के लिए काम भी हो रहा है अब यहां पर दो बातें हैं की एक तो नगर निगम के हद में यह इनलीगल नाजायज तौर पर कॉलोनी काटे जाना और दूसरा रजिस्ट्रार के दफ्तर से बिना एन.ओ.सी. बिना नक्शा पास किए जाने के बावजूद भी कैसे उन प्लॉटों की रजिस्ट्री करवाई जा रही है ! यह भी एक बहुत बड़ा सवाल है अब देखना यह है कि क्या आने वाले समय में यहां पर क्या कार्रवाई होती है ! क्योंकि इस संबंधित जब नगर निगम दफ्तर में पता चलने पर कि यह एरिया भी एटीपी रविंद्र कुमार के एरिया में आता है तो जब उनसे मुलाकात कर यह सारी जानकारी दी गई तो उनका कहना था कि आप उनके नंबर पर व्हाट्सएप नंबर पर तस्वीरे डाल दें और वह कुछ दिनों में अपने बिल्डिंग इंस्पेक्टर व अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाकर वहां पर मौका चेक करवा लेंगे और अपने अफसर व अधिकारियों के ध्यान में लाकर जैसे भी विभाग की तरफ से कार्रवाई होती है वह जल्द करवा देंगे ! क्योंकि आजकल उनके पास काफी एरिया होने के कारण और कुछ काम भी दफ्तर का पेंडिंग होने के कारण काफी उन पर भी ओवरलोड है ! परंतु फिर भी आपकी यह जानकारी बता दी जाएगी ! अब देखना यह होगा कि क्या वाकई में आने वाले दिनों में जैसा भी की एटीपी साहब ने बोला और बताया क्या आने वाले दिनों में इस कॉलोनी पर भी पीला पंजा चलता है या फिर जिन अफसर व अधिकारियों के ध्यान में अभी तक यह मामला नहीं है, क्या उनका पंजा चलता है ! क्या यहां पर भी कुछ सांठ गांठ का खेल तो नहीं खेला जाएगा और किन-किन नेताओं और विधायकों की इस पर छत्रछाया रहती है ! यह भी आने वाले दिनों में पता चल ही जाएगा कि आखिरकार क्या होता है ! नगर निगम से या फिर उन लोगों से ही पता चल सकता है जिनके प्लॉट सेल हुए हो अगर तो देखा जाए नगर निगम के हिसाब से इतनी कम जगह में कॉलोनी काटना और फिर वहां पर गलियां, नालियां और अन्य लोगों को सुविधा देना क्या यहां पर यह कॉलोनी काटने वाला कॉलोनाइजर नगर निगम की शर्तें पूरी कर पाएगा ? क्या नगर निगम यहां पर इस कॉलोनी को अपनी पूरी शर्तों के मुताबिक कॉलोनी को पास कर पाएगा यह ऐसे अन्य कई सवाल है जो की यहां पर है जो की लोगों ने भी माना है कि यह सारी सुख सुविधा कॉलोनाइजर को देनी चाहिए और फिर यहां पर यह भी देखना होगा कि इस कॉलोनी में कॉलोनी के हिसाब से कितने फुट जगह गलियों के लिए छोड़ी जाएगी और तो और क्या यह कॉलोनाइजर कॉलोनी काटने वाला अपना पूरा बनता टैक्स नगर निगम में जमा करवाएगा या फिर कर्मचारियों से लेकर अफसर तक की सेटिंग का खेल खेल कर और कुछ लोगों की जेब गर्म करके मंत्री व नेताओं की यह कॉलोनी भी कट जाएगी और फिर नगर निगम के खजाने में कुछ ना आकर हर बार नगर निगम का खजाना खाली ही रहेगा और खजाना भरेगा तो नीचे से लेकर ऊपर तक के लोगों का तो क्या देखने को मिलेगा कि आने वाले दिनों में इस कॉलोनी पर होगी कारवाई
