ऊना/25 जून/ रोज़ाना रिपोर्टर

सार
वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों (जनवरी से मई) में जिले में 386 टीबी रोगियों की पहचान की गई है, जो सक्रिय स्क्रीनिंग और आधुनिक जांच सुविधाओं की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
विस्तार
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला ऊना में क्षय रोग के खिलाफ चल रही मुहिम लगातार तेज़ी पकड़ रही है। वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों (जनवरी से मई) में जिले में 386 टीबी रोगियों की पहचान की गई है, जो सक्रिय स्क्रीनिंग और आधुनिक जांच सुविधाओं की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में आयोजित जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहायक आयुक्त विनय मोदी ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत जिले के उच्च जोखिम वाले गांवों और वार्डों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों में डिजिटल एक्स-रे और नैट (NAT) तकनीक के माध्यम से रोगियों की समय रहते पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में टीबी से होने वाली मौतों की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश मामलों में बीमारी की देर से पहचान, मधुमेह, हृदय रोग, वृद्धावस्था और उपचार में देरी प्रमुख कारण रहे। अधिकारियों ने ऐसे मरीजों की नियमित निगरानी, शीघ्र उपचार और परिवार स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान जिले में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति पर भी चर्चा हुई। निक्षय मित्र योजना, पोषण सहायता और टीबी मुक्त पंचायत अभियान के सकारात्मक परिणामों की सराहना की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही हासिल किया जा सकता है।
प्रमुख आंकड़े
📌 जनवरी–मई 2026 में 386 टीबी मरीज चिन्हित
📌 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष स्क्रीनिंग जारी
📌 एक्स-रे व NAT तकनीक से त्वरित जांच
📌 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान जारी
📌 टीबी मुक्त पंचायत अभियान में ऊना की सराहनीय प्रगति
संदेश: टीबी का समय पर परीक्षण और पूरा उपचार ही इस बीमारी को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
