ADHD से पीड़ित महिलाओं को जीवन में देर से निदान मिलने की संभावना अधिक होती है। डॉ अर्चिता महाजन*

*ADHD से पीड़ित महिलाओं को जीवन में देर से निदान मिलने की संभावना अधिक होती है। डॉ अर्चिता महाजन

*औसतन, ADHD से पीड़ित महिलाओं को अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में 5 साल बाद निदान मिलता है।*

 

 

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि शोध से पता चला है कि ध्यान अभाव अतिसक्रियता विकार (ADHD) से पीड़ित महिलाओं को जीवन में देर से निदान मिलने की संभावना अधिक होती है। औसतन, ADHD से पीड़ित महिलाओं को अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में 5 साल बाद निदान मिलता है।अक्सर, विशेषज्ञ द्वारा एडीएचडी की सही पहचान करने से पहले, उन्हें चिंता या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसी गलत निदान का सामना करना पड़ता है। एडीएचडी से पीड़ित कई महिलाओं का तो पता ही नहीं चल पाता।महिलाओं में ADHD (अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) को पूरी तरह ‘ठीक’ नहीं किया जा सकता, लेकिन सही प्रबंधन (management) से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। इलाज में स्टिमुलेंट या नॉन-स्टिमुलेंट दवाएं, संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (CBT), जीवनशैली में बदलाव, और व्यवस्थित रहने की रणनीतियां (lists, alarms) शामिल हैं। महिलाओं में ADHD का प्रभावी।प्रबंधन:चिकित्सीय उपचार: डॉक्टर की सलाह पर उत्तेजक (Stimulant) या गैर-उत्तेजक (Non-stimulant) दवाएं लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।थेरेपी: संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (CBT) के जरिए नकारात्मक सोच, अव्यवस्था और समय प्रबंधन की चुनौतियों से निपटा जा सकता है।

जीवनशैली में बदलाव: नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार, और पर्याप्त नींद (7-9 घंटे) से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सुधार होता है।

व्यवस्था (Organization): कार्यों की सूची (To-do lists), कैलेंडर, और अलार्म का उपयोग करके भूलने की आदत को कम किया जा सकता है।हार्मोनल प्रबंधन: महिलाओं में, रजोनिवृत्ति (menopause) या मासिक धर्म के दौरान हार्मोनल बदलाव ADHD के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। कुछ मामलों में, डॉक्टर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की सलाह भी देते हैं।मानसिक स्वास्थ्य: एंग्जायटी या डिप्रेशन के लिए काउंसलिंग या थेरेपी लेना भी जरूरी हो सकता है

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