मकोय (Makoy) एक अत्यंत उपयोगी औषधीय पौधा है। जंगली होने के कारण सावधानी से ही प्रयोग करें डॉ अर्चिता महाजन* 

*मकोय (Makoy) एक अत्यंत उपयोगी औषधीय पौधा है। जंगली होने के कारण सावधानी से ही प्रयोग करें डॉ अर्चिता महाजन*

 

 

 

15 अप्रैल/ रोज़ाना रिपोर्टर न्यूज़पेपर

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित और चंडीगढ़ महाजन सभा अध्यक्ष श्री राममूर्ति महाजन जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि यह पौधा भारत के लगभग सभी हिस्सों में अपने आप उग जाता है और किसी विशेष देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। यह खेतों, बाड़ों और खाली पड़ी जगहों पर आसानी से पाया जाता है। इसे संस्कृत में काकमाची और हिंदी में भटकोइंया कहा जाता है,

✅️ मकोय के औषधीय गुण और फायदे :–

1️⃣ हृदय को स्वस्थ रखे :

मकोय में फाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो हृदय को मजबूत बनाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को नियंत्रित करते हैं। नियमित सेवन से हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है।

2️⃣ लीवर के लिए लाभदायक :

मकोय लीवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और पीलिया तथा फैटी लिवर जैसी बीमारियों से बचाव करता है। आयुर्वेद में इसे “लीवर टॉनिक” के रूप में भी जाना जाता है।

3️⃣ बुखार और त्वचा रोगों में फायदेमंद :

मकोय के फल और पत्तियों का काढ़ा बुखार, त्वचा संबंधी रोग, घाव और फोड़े-फुंसी के इलाज में उपयोगी होता है। इसके रस को त्वचा पर लगाने से संक्रमण और जलन में राहत मिलती है।

4️⃣ पाचन में सुधार :

मकोय पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह भूख बढ़ाने के साथ कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत देता है। यह यकृत (लीवर) को भी स्वस्थ रखता है।

5️⃣ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए :

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम, बुखार और संक्रमण जैसी समस्याएँ दूर रहती हैं।

6️⃣ किडनी और सूजन में राहत :

मकोय के रस या काढ़े का सेवन शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और सूजन में आराम देता है। यह मूत्रवर्धक (diuretic) गुणों से भरपूर होता है।

7️⃣ सांस और गले की समस्याओं में राहत :

मकोय का काढ़ा अस्थमा, खांसी और गले में खराश की समस्या में फायदेमंद माना गया है।

✅️ मकोय का उपयोग कैसे करें :–

1️⃣ फलों का सेवन :

पके हुए फलों को सीधे खाया जा सकता है। ये स्वाद में हल्के मीठे और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं।

2️⃣ काढ़ा बनाकर :

मकोय के पत्तों या फलों को पानी में उबालकर काढ़ा तैयार करें। दिन में एक बार इसका सेवन करने से कई रोगों में राहत मिलती है।

3️⃣ चूर्ण के रूप में :

सूखे पत्तों को पीसकर चूर्ण बनाएं और रोज सुबह-शाम आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें।

4️⃣ तेल के रूप में :

मकोय के बीजों का तेल बालों में लगाने से बाल मजबूत, चमकदार और रूसी रहित बनते हैं।

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