*आपके टूथपेस्ट में नमक है पूछने वाले यह नहीं बताते कि उनके टूथपेस्ट में SLS है डॉ अर्चिता महाजन*

*सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS): यह झाग बनाने के लिए डाला जाता है, कहीं यह भारतीयों को कैंसर की तरफ तो नहीं धकेल रहा*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि टीवी एड के जरिए टूथपेस्ट बेचने वाले कितनी आसानी से भारतीयों को मूर्ख बना रहे हैं। पहले सोडियम क्लोराइड खिलाया अब सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS): यह झाग बनाने के लिए डाला जाता है,टूथपेस्ट में मौजूद कुछ रसायन, जैसे सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS), फ्लोराइड (अधिक मात्रा में), और ट्राइक्लोसन, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं。 ये त्वचा में जलन, मुंह के छाले, और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं。 सुरक्षित विकल्पों के लिए हमेशा हर्बल या प्राकृतिक टूथपेस्ट चुनें。
टूथपेस्ट में पाए जाने वाले मुख्य हानिकारक रसायन और उनसे होने वाले नुकसान निम्नलिखित हैं:सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS): यह टूथपेस्ट में झाग बनाने वाला मुख्य रसायन है। इसके इस्तेमाल से मुंह में छाले (अल्सर) और त्वचा में जलन की समस्या हो सकती है。
फ्लोराइड: हालांकि फ्लोराइड दांतों के इनेमल को मजबूत करता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा ‘फ्लोरोसिस’ (दांतों पर पीले/सफेद धब्बे) का कारण बनती है。 निगलने पर यह शरीर के लिए विषाक्त हो सकता है。ट्राइक्लोसन: यह एक एंटी-बैक्टीरियल एजेंट है। कुछ शोधों में इसे थायरॉयड हार्मोन को बाधित करने और एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के विकास से जोड़ा गया है。टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO2): टूथपेस्ट को चमकीला और सफेद बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। स्वास्थ्य अध्ययनों में इसे निगलने पर संभावित रूप से जोखिम भरा माना गया है。
कृत्रिम मिठास और रंग (Saccharin/Artificial Colors): स्वाद और दिखावट को बेहतर बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले इन कृत्रिम पदार्थों के शरीर पर दीर्घकालिक विपरीत प्रभाव हो सकते हैं。
पैराबेन्स (Parabens): टूथपेस्ट की शेल्फ लाइफ (लंबे समय तक खराब न होने की क्षमता) बढ़ाने के लिए इसे परिरक्षक (preservative) के रूप में मिलाया जाता है, जो हार्मोन असंतुलन का कारण बन सकता है。
