*दिल की धड़कन तेज होने के क्या कारण हैं? डॉ अर्चिता महाजन*
*डिहाइड्रेशन ,तनाव, ख़ून की कमी, धुम्रपान,शराब का सेवन और Hyperthyroidism मुख्य कारण हैं।*


डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि दिल की धड़कन (हार्ट रेट) तेज होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें तनाव, अत्यधिक कैफीन या शराब का सेवन, तेज व्यायाम, बुखार, और एनीमिया या थायरॉयड (हाइपरथायरायडिज्म) जैसी स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं。
तेज धड़कन (टैकीकार्डिया) के प्रमुख कारणों को मुख्य रूप से जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थितियों में विभाजित किया जा सकता है:
1. जीवनशैली और आदतें
तनाव और चिंता: डर, घबराहट या किसी सदमे के कारण शरीर में एड्रेनालाईन हार्मोन का रिसाव होता है, जिससे धड़कन बढ़ जाती है。
उत्तेजक पदार्थ: बहुत अधिक कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन या धूम्रपान (निकोटिन) से दिल की धड़कन तेज हो सकती है。
शराब का सेवन: शराब पीने या इसके अत्यधिक इस्तेमाल से भी हृदय गति प्रभावित होती है。
2. शारीरिक कारक
शारीरिक परिश्रम: व्यायाम या भारी काम करने के दौरान मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, जिसे पूरा करने के लिए दिल तेजी से पंप करता है。
डिहाइड्रेशन (पानी की कमी): शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड वॉल्यूम घट जाता है, जिससे रक्तसंचार बनाए रखने के लिए दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है。
हार्मोनल बदलाव: गर्भावस्था, मासिक धर्म या मेनोपॉज़ के दौरान हार्मोनल असंतुलन से धड़कन बढ़ सकती है。
3. स्वास्थ्य स्थितियां (Medical Conditions)
बुखार या संक्रमण: जब शरीर किसी संक्रमण या बीमारी से लड़ रहा होता है, तो मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और हृदय गति बढ़ जाती है。
थायरॉयड की समस्या: अतिसक्रिय थायरॉयड (Hyperthyroidism) के कारण शरीर में थायराइड हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे धड़कन तेज हो जाती है。
एनीमिया (खून की कमी): शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी होने पर अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को तेजी से पंप करना पड़ता है。
ब्लड प्रेशर: अचानक हाई या लो ब्लड प्रेशर होने का असर भी सीधा दिल की धड़कन पर पड़ता है。
हृदय रोग: दिल के दौरे (Heart Attack), हार्ट फेलियर या एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial Fibrillation) जैसी हृदय की समस्याएं भी तेज धड़कन का कारण बन सकती हैं。
