*डायबिटीज के लिए एचबीए1सी टेस्ट हमेशा सही नहीं हो सकता डॉ अर्चिता महाजन*
*इसका खामियाजा खासकर महिलाओं और ग्रामीण आबादी को भुगतना पड़ सकता है।*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि भारत जैसे देश में, जहां खून की कमी (एनीमिया) और कुछ अनुवांशिक रक्त बीमारियां ज्यादा पाई जाती हैं, वे इस टेस्ट की रिपोर्ट में उतार-चढ़ाव कर सकती हैं। इसके चलते कभी-कभी डायबिटीज का पता लगाने में चार साल तक की देरी ।असल में एचबीए1सी टेस्ट पिछले तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर का अंदाजा देता है. लेकिन अगर रेड ब्लड सेल्स की उम्र बदल जाए तो रिपोर्ट भी बदल जाती है. भारत में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया बहुत आम है और यह एचबीए1सी को जरूरत से ज्यादा दिखा सकता है. वहीं जी6पीडी की कमी जैसी स्थिति में रेड ब्लड सेल्स जल्दी टूट जाती हैं, जिससे एचबीए1सी कम दिखाई देता है, जबकि असली ब्लड शुगर ज्यादा हो सकती है.एचबीए1सी टेस्ट के गलत या विफल (Fail) होने के कारण:एनीमिया (खून की कमी): आयरन या विटामिन बी-12 की कमी के कारण लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) का जीवनकाल बदल जाता है, जिससे एचबीए1सी लेवल झूठा (False) रूप से बहुत अधिक या बहुत कम आ सकता है。किडनी या लीवर की गंभीर बीमारी: गुर्दे खराब होने पर आरबीसी का जीवनकाल छोटा हो जाता है, जिससे रिपोर्ट शुगर का स्तर सामान्य से बहुत कम दिखाती है。जिन लोगों को एनीमिया या खून से जुड़ी जन्मजात बीमारियां हैं, उनमें यह टेस्ट असली शुगर लेवल से अलग नतीजा दे सकता है। हाल ही में हुआ ब्लड ट्रांसफ्यूजन: अगर आपको हाल ही में किसी और का खून चढ़ाया गया है, तो टेस्ट रिपोर्ट पिछले 3 महीनों का औसत ब्लड शुगर सही नहीं बताएगी।
गर्भावस्था: प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में तेजी से बदलाव होते हैं, जिससे कुछ मामलों में एचबीए1सी टेस्ट सटीक नहीं बैठता。भारतीय जीन और हीमोग्लोबिन की बनावट: हालिया मेडिकल रिसर्च के अनुसार, भारत के कुछ हिस्सों के लोगों के आनुवंशिक (Genetic) कारणों से यह टेस्ट हर बार 100% सटीक नहीं बैठता。इसका खामियाजा खासकर महिलाओं और ग्रामीण आबादी को भुगतना पड़ सकता है। गौरतलब है कि एचबीए1सी टेस्ट से पता चलता है कि पिछले 2-3 महीनों में व्यक्ति का औसत ब्लड शुगर कितना रहा। आमतौर पर 5.7 प्रतिशत से कम सामान्य, 5.7 से 6.4 प्री-डायबिटीज और 6.5 प्रतिशत या उससे ज्यादा डायबिटीज माना जाता है।
