*मोबाइल के कारण सर्वाइकल की दर्द का खतरा बढ़ रहा है डॉ अर्चिता महाजन*
*गर्दन की मांसपेशियों पर 20 से 25 किलो तक का दबाव पड़ता है* ,

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि सुबह उठते ही फोन चेक करने की आदत क्यू-रूटीन-रिवॉर्ड साइकिल पर काम करती है। इस साइकिल में आपको सबसे क्यू यानी संकेत मिलता है। जैसे ही आंख खुलती है, दिमाग आपको संकेत भेजता है। इसके बाद आप तुरंत फोन अनलॉक करते हैं और स्क्रॉल करना शुरू कर देता है।जैसे ही फोन पर कोई नोटिफिकेशन या मैसेज मिलता है, तो हमारे दिमाग को राहत मिलती है कि कुछ जरूरी काम छूटा नहीं है या कोई नई जानकारी मिलने से बाहर की दुनिया से कनेक्शन बना है। ये दिमाग के लिए एक तरह का रिवॉर्ड होता है और दिमाग इस साइकिल को रोज दोहराने लगता है।घंटों सिर झुकाकर मोबाइल चलाने से ‘टेक्स्ट नेक’ या सर्वाइकल का खतरा बढ़ जाता है। इससे गर्दन की मांसपेशियों पर 20 से 25 किलो तक का दबाव पड़ता है, जिससे गर्दन में अकड़न, दर्द और सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।खतरे और लक्षणगर्दन और कंधे का दर्द: लगातार नीचे देखने से मासंपेशियां थक जाती हैं और कंधे तक दर्द फैल जाता है।नसों पर दबाव: इससे हाथों में सुन्नपन, झनझनाहट या सिरदर्द (माइग्रेन) की शिकायत हो सकती है।हड्डियों में घिसाव: रीढ़ की हड्डी की डिस्क पर असर पड़ता है, जिससे समय से पहले कमजोरी आने लगती है।बचाव के उपायसही मुद्रा: मोबाइल हमेशा आँखों के सीध में रखें ताकि गर्दन झुकाने न पड़े।ब्रेक लें: हर 20-30 मिनट बाद स्क्रीन से नजर हटाएं और हल्की गर्दन की स्ट्रेचिंग करें।लेटकर न चलाएं: बिस्तर पर लेटकर या पेट के बल झुककर फोन देखने की आदत छोड़ें।
