
शिमला/ रोज़ाना रिपोर्टर
हिमाचल प्रदेश में 100 सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को भेजा है। इसमें बताया गया कि कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन शून्य है, कुछ स्कूलों में 5 व इससे कम विद्यार्थी हैं। नियमों के तहत यदि किसी स्कूल में पांच से कम विद्यार्थी हो तो उस स्कूल को साथ लगते स्कूलों के साथ मर्ज कर दिया जाता है। लेकिन इनमें कुछ ऐसे स्कूल भी हैं जो दूर दराज क्षेत्रों के हैं और इनके बंद होने से दूसरे स्कूल की दूरी ज्यादा है। इसलिए मामला अभी तक विचाराधीन है।शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ स्कूलों का दर्जा भी कम किया जाएगा, उसका प्रस्ताव भी सरकार के पास विचाराधीन है।कैबिनेट पहले स्कूलों को बंद व मर्ज करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर चुकी है। ऐसे में इस मामले को कैबिनेट में रखने की जरूरत ही नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद अब इसके आदेश जारी कर दिए जाएंगे।स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। वर्ष 2003-04 में कक्षा 1 से 8 तक सरकारी स्कूलों में 9,71,303 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इस साल कक्षा 1 से 12वीं तक केवल साढ़े सात लाख बच्चों ने ही दाखिला लिया है, जबकि कक्षा पहली से आठवीं तक मौजूदा वर्ष 4,29,070 ही विद्यार्थी हैं। हर साल सरकारी स्कूलों से औसतन 50 हजार विद्यार्थी कम हो रहे हैं।इस साल 145 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के बाद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में 34,107 के करीब दाखिले हो चुके हैं। इनमें 11,866 नए दाखिले हुए हैं। मंडी, शिमला, चंबा, सिरमौर और सोलन जिला के स्कूलों में सबसे अधिक दाखिले हुए हैं। विभाग का दावा है कि अब आने वाले समय में संख्या कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ेगी।
