*CDC की नई रिपोर्ट से टीकाकरण पर बहस तेज: डॉ अर्चिता महाजन*
*क्या शिशुओं को दिए जाने वाले टीकों और ऑटिज्म के संबंध की होगी नए सिरे से जांच?*


विनायक महाजन — हेल्थ इंस्पेक्टर, पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की वेबसाइट पर 22 जुलाई 2026 को अपडेट हुई जानकारी में पुराने दावे पर सवाल; स्वास्थ्य विभाग ने संभावित संबंधों की जांच की बात कही
अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) ने 22 जुलाई 2026 को अपनी वेबसाइट पर Autism and Vaccines शीर्षक से जानकारी अपडेट की। इसमें कहा गया है कि शिशुओं को दिए जाने वाले टीकों और ऑटिज्म के बीच संभावित संबंध को पूरी तरह खारिज करने के लिए और वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता है। CDC ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) ऑटिज्म के संभावित कारणों और जैविक प्रक्रियाओं का व्यापक आकलन कर रहा है। �
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🔬 CDC की नई रिपोर्ट में किन टीकों का जिक्र है?
रिपोर्ट में शिशुओं को दिए जाने वाले DTaP, हेपेटाइटिस-B, Hib, पोलियो (IPV) और न्यूमोकोकल (PCV) टीकों का उल्लेख किया गया है। इसमें टीकों में इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम युक्त सहायक पदार्थों और संभावित जैविक प्रक्रियाओं पर आगे शोध करने की बात भी कही गई है। �
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CDC की वेबसाइट पर यह भी उल्लेख है कि ऑटिज्म की पहचान में वृद्धि और बच्चों को दिए जाने वाले टीकों की संख्या में वृद्धि एक ही ऐतिहासिक अवधि में हुई है। हालांकि, दो घटनाओं का एक ही समय में बढ़ना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि एक घटना दूसरी का कारण है। �
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🧪 वैज्ञानिक शोध क्या बताते हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 3 सितंबर 2026 को प्रकाशित समीक्षा में 2010 से अगस्त 2025 तक के वैज्ञानिक अध्ययनों का आकलन किया गया। इसके अनुसार, उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययनों में टीकों और ऑटिज्म के बीच कारणात्मक संबंध का प्रमाण नहीं मिला।
निष्कर्ष
CDC की वेबसाइट पर नई जानकारी आने से टीकों और ऑटिज्म को लेकर वैज्ञानिक बहस फिर चर्चा में है। हालांकि, रिपोर्ट में आगे जांच की आवश्यकता बताना इस बात का प्रमाण नहीं है कि टीकों से बच्चों की बुद्धि कमजोर होती है या उन्हें ऑटिज्म होता है।
